अंबाला के धूलकोट गांव में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से छह लोगों की मौत के मामले में बलदेव नगर थाना पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें बिल्डर हरदीप सिंह जग्गी, श्रीपाल राणा, संपत्ति मालिक और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है।
27 सितंबर को निर्माण के दौरान बिल्डिंग का पिछला हिस्सा ढह गया था। मलबे में दबने से छह लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। हादसे के बाद से मृतक लाल बहादुर शास्त्री के परिजन सिविल अस्पताल में धरने पर हैं। परिजनों ने जग्गी और श्रीपाल राणा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अन्य चार मृतकों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है, जबकि कालिया राम का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को होना है।
घायल मजदूर बलिंदर की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 289 और 290 लगाई गई हैं। बलिंदर ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए। उनका यह भी कहना है कि दीवारें चार इंच की बनाई जा रही थीं और दूसरी मंजिल का लेंटर डालने के करीब एक सप्ताह बाद ही तीसरी मंजिल पर लेंटर डालना शुरू कर दिया गया था। निर्माण की गुणवत्ता और हादसे के कारणों की जांच अभी बाकी है।
सोमवार को सिविल अस्पताल पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने हरियाणा के डीजीपी से बात कर SIT जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद अंबाला रेंज के आईजीपी पंकज नैन ने एएसपी शिवम की अगुवाई में टीम गठित की। इसमें डीएसपी रजत गुलिया, इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह और आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी पीएसआई मनजीत सिंह शामिल हैं।
राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, संपत्ति प्रीतम कौर ने 2019 में खरीदी थी। उन्होंने 13 जून 2026 को निर्माण का ठेका मलकीत सिंह को दिया था। पुलिस और SIT अब निर्माण से जुड़े दस्तावेज, संबंधित लोगों की भूमिका तथा सुरक्षा इंतजामों की जांच करेंगी।
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