हरियाणा के अंबाला स्थित धूलकोट में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने के हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है। हादसे में घायल 57 वर्षीय अशोक कुमार की चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें अंबाला सिटी के सिविल अस्पताल से पीजीआई रेफर किया गया था।
अशोक कुमार मूल रूप से बिहार के पटना जिले के मोकामा निवासी थे। वह करीब 35 साल से अंबाला के बलदेव नगर में रह रहे थे और मिस्त्री का काम करते थे। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने हादसे के घटनाक्रम और निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी थी।
अशोक ने बताया था कि हादसे के समय वह बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर काम कर रहे थे। ऊपर से शटरिंग, लेंटर और मलबा गिरने लगा तो उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की। भागते समय वह गिर गए और मलबे में दब गए। उनके साथ काम कर रहे तीन अन्य लोग भी मलबे की चपेट में आए थे। होश आने पर उन्होंने खुद को अस्पताल में पाया।
उन्होंने आरोप लगाया था कि बिल्डिंग में करीब छह महीने से निर्माण चल रहा था। एक छत का लेंटर सूखने से पहले ही दूसरी छत का काम शुरू कर दिया जाता था। उनके मुताबिक, दीवारें करीब चार इंच और पिलर लगभग नौ इंच के थे। उन्होंने निर्माण को पर्याप्त समय नहीं मिलने को हादसे की वजह बताया था।
अशोक की बेटी विनीता ने पिता के बेहतर इलाज और परिवार की आर्थिक मदद की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पिता के काम नहीं कर पाने से घर का खर्च चलाना मुश्किल होगा।
हादसा 27 सितंबर की दोपहर करीब तीन बजे हुआ था। तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत की तीसरी मंजिल का लेंटर डालते समय बड़ा हिस्सा गिर गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने करीब 15 घंटे बचाव अभियान चलाया था।
इस बीच मामले में आरोपी बनाए गए बिल्डर हरदीप सिंह जग्गी और अन्य आरोपियों को अदालत से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने अगली सुनवाई छह अक्टूबर तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।
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