हरियाणा के सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल अध्ययन सामग्री से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने संस्थागत पंजीकरण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (एनडीएलआई) की सदस्यता नहीं लेने वाले कॉलेजों को रिमाइंडर पत्र भेजकर जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
उच्च शिक्षा महानिदेशालय, पंचकूला की ओर से प्रदेश के सभी सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि कुछ कॉलेजों ने पोर्टल पर संस्थागत सदस्यता ले ली है, जबकि कई संस्थानों ने अभी तक पंजीकरण पूरा नहीं किया। विभाग ने निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक साझा डिजिटल मंच के माध्यम से अध्ययन संसाधनों से जोड़ना है। एनडीएलआई पर विभिन्न विषयों और श्रेणियों की ई-बुक्स, शोध पत्र, वीडियो व्याख्यान तथा अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं की सामग्री विद्यार्थियों की अलग-अलग शैक्षणिक जरूरतों में मदद कर सकती है।
डिजिटल संसाधनों के उपयोग से विद्यार्थी कॉलेज की भौतिक लाइब्रेरी तक सीमित रहने के बजाय कहीं से भी अध्ययन सामग्री तक पहुंच सकते हैं। इससे किताबों की सीमित संख्या और पुस्तकालय तक पहुंचने जैसी बाधाओं को कम करने में सहायता मिल सकती है। छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शोध कार्य के लिए भी इस मंच को उपयोगी बताया गया है। उपलब्ध सामग्री में प्रश्न पत्र, अभ्यास सामग्री और शोध से जुड़े संसाधन शामिल हैं। विद्यार्थी तथा शिक्षक अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित विषयों की सामग्री खोज सकते हैं।
संस्थागत सदस्यता के माध्यम से कॉलेज अपने छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग के लिए जोड़ तथा प्रोत्साहित कर सकते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के कॉलेजों के विद्यार्थियों तक अध्ययन सामग्री पहुंचाना भी इस प्रक्रिया का उद्देश्य है।
विभाग ने प्राचार्यों से लंबित पंजीकरण जल्द पूरा करने को कहा है। पत्र में जिन संस्थानों की सदस्यता प्रक्रिया अधूरी है, उन्हें इस काम को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
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