हरियाणा में जमीन के इस्तेमाल और निर्माण से जुड़े नियम सरल बनाने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने विकास योजनाओं में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत अलग-अलग भूमि उपयोग क्षेत्रों में प्रतिबंधित गतिविधियों की ‘नो-गो लिस्ट’ बनाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। विभाग ने बुधवार को सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों और हितधारकों से सुझाव तथा आपत्तियां मांगी हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रतिबंधित सूची से बाहर की गतिविधियों को अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य नए कारोबार और निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं कम करना है। फिलहाल यह अंतिम नीति नहीं है। सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी होने से 30 दिन का समय दिया गया है।
मौजूदा व्यवस्था में किसी भूमि उपयोग क्षेत्र में स्वीकृत सूची में शामिल गतिविधियों को ही मंजूरी मिलती है। सूची से बाहर के कारोबार या निर्माण के लिए अलग अनुमति की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। प्रस्ताव में स्वीकृत गतिविधियों की सूची के स्थान पर निषिद्ध गतिविधियों की सूची को आधार बनाने की बात है।
प्रस्तावित बदलाव का दायरा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और प्रमुख महानगर विकास प्राधिकरणों से संबंधित होगा। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और हिसार के महानगर विकास प्राधिकरण शामिल हैं।
प्रस्ताव में रिहायशी क्षेत्रों के लिए उद्योग, आईटी पार्क, डेटा सेंटर, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित सूची में बताई गई हैं। व्यावसायिक क्षेत्रों में रिहायशी कॉलोनियों, बड़े उद्योगों, आईटी पार्क और डेटा सेंटर पर रोक प्रस्तावित है। कृषि क्षेत्रों में रिहायशी तथा व्यावसायिक कॉलोनियों और रेड कैटेगरी उद्योगों पर प्रतिबंध का उल्लेख है, जबकि डेटा सेंटर को विशेष छूट प्रस्तावित है।
नागरिक अपने सुझाव या आपत्तियां ccpncrhry.zrobjections@gmail.com पर भेज सकते हैं। लिखित आवेदन मुख्य समन्वयक योजनाकार (एनसीआर), द्वितीय तल, नगर योजना भवन, सेक्टर 18ए, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ के पते पर भेजे जा सकते हैं।
निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। अंतिम निर्णय होने तक प्रस्ताव को लागू नियम मानकर किसी गतिविधि या निर्माण की अनुमति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
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