मूर्ति स्थापना मामले में अशोक आर्य की हुई एंट्री अशोक आर्य ने पालिका के कदम का जताया कड़ा विरोध अग्रवाल समाज के हर कदम के साथ खड़ा हुं : अशोक आर्य

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Ashok Arya
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के ऐतिहासिक महाराजा अग्रसैन चौक के सामने स्थित गोल चक्कर पर प्रस्तावित दूसरी मूर्ति की स्थापना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मुद्दे ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य के बेटे एवं आर्य युवा संगठन के अध्यक्ष अशोक आर्य ने इस पूरे मामले पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए नगरपालिका के फैसले को समाज की भावनाओं के खिलाफ बताया है। अशोक आर्य ने कहा कि नगरपालिका द्वारा किया जा रहा यह प्रयास न केवल अनुचित है, बल्कि यह अग्रवाल समाज के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णय से समाज में असंतोष फैल रहा है और यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा कृत्य प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि करीब 25 वर्ष पूर्व सफीदों के पुराने बस स्टैंड पर महाराजा अग्रसैन चौक का निर्माण अग्रवाल समाज के बुजुर्गों ने किया था। यहां स्थापित महाराजा अग्रसैन की भव्य प्रतिमा वर्षों से समाज की आस्था, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रही है। यही कारण है कि यह स्थान शहर के प्रमुख और प्रतिष्ठित स्थलों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है। अशोक आर्य ने स्पष्ट कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थान के सामने पालिका के द्वारा किसी अन्य मूर्ति की स्थापना करना पूरी तरह से गलत व अग्रवाल समाज के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने नगरपालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कि यदि इस प्रकार की मूर्ति स्थापना की जाती है, तो इससे समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत होंगी। अशोक आर्य ने प्रशासन से मांग की कि इस निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोका जाए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए। अशोक आर्य ने कहा कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वहां पर एक रुपया-एक ईंट का चिन्ह लगाया जाए। उन्होंने कहा कि वे अग्रवाल समाज के हर निर्णय और आंदोलन में पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।

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