बच्चों से मजदूरी कराने वालों पर प्रशासन सख्त, उल्लंघन करने वालों को मिलेगी सजा

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जिले में बाल श्रम रोकने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों से मजदूरी करवाना कानूनन अपराध है और इसमें लिप्त पाए जाने वाले लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

डीसी ने कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षा और सुरक्षित वातावरण से जुड़ा होता है, लेकिन कुछ लोग आर्थिक लाभ के लिए उन्हें काम पर लगाकर उनके अधिकारों का हनन करते हैं। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। श्रम विभाग, पुलिस प्रशासन और बाल संरक्षण इकाइयों को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि होटल, ढाबों, फैक्ट्रियों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर जांच की जा सके।

उन्होंने बताया कि बाल श्रम निषेध कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम करवाना प्रतिबंधित है। वहीं किशोर श्रमिकों को भी खतरनाक कार्यों में लगाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि लोगों को कानून और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।

डीसी ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और हर बच्चे को सुरक्षित व बेहतर भविष्य देना हम सभी का दायित्व है।

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