स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को नई उड़ान, प्रदेश को मिली विकास की दो अहम सौगातें

3
Ayush University

कुरुक्षेत्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान आयुष और स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने वाली दो महत्वपूर्ण सौगातों की घोषणा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों के बीच योग और आयुष आधारित चिकित्सा पद्धतियां लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने का प्रभावी माध्यम है। आज दुनिया के अनेक देश योग को अपना रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रही हैं और यह देश की सांस्कृतिक ताकत का प्रमाण है।

कार्यक्रम के दौरान आयुष शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयुष क्षेत्र को आधुनिक संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के अवसर मिल सकें। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित होंगे।

उन्होंने युवाओं से योग और आयुष आधारित शिक्षा को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार और शोध की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाए।

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भी आयुष पद्धति की बढ़ती स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला। उनका कहना था कि पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान की गई घोषणाओं को प्रदेश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Loading