मनीषा मौत मामले में ढाणी लक्ष्मण में पंचायत, परिवार ने कोर्ट में लड़ाई जारी रखने का किया फैसला; बोले- जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे

1
Bhiwani News

भिवानी : जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मौत के मामले को लेकर गांव के धर्मदास आश्रम में पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में मनीषा के पिता संजय सहित गांव और समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक में परिवार ने कानूनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया। पंचायत में मौजूद लोगों ने भी परिवार का साथ देने की बात कही।

पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच शिशमूराम ने की। बैठक में मनीषा मौत मामले की अब तक की जांच और कोर्ट में चल रही प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई। परिवार ने कहा कि वह मामले में न्याय के लिए कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा।

मनीषा के पिता संजय ने पंचायत में कहा कि बेटी के मामले को लेकर पिछले करीब एक साल से गांव और समाज के लोगों के सहयोग से संघर्ष किया जा रहा है। अब मामला अदालत तक पहुंच चुका है, इसलिए आगे की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ी जाएगी।

पंचायत में बैरागी समाज के प्रतिनिधियों ने भी परिवार को समर्थन देने की बात कही। उनका कहना था कि आगे की कानूनी प्रक्रिया में जहां भी परिवार को समाज की आवश्यकता होगी, वहां उसके साथ खड़ा रहा जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने बताया कि 7 सितंबर को गांव के 11 मौजिज लोगों की एक कमेटी पंचकूला स्थित संबंधित सीबीआई कोर्ट पहुंची थी। पंचायत में दी गई जानकारी के मुताबिक जांच से संबंधित रिपोर्ट कोर्ट में जमा की जा चुकी है और मामले में अगली तारीख 22 सितंबर बताई गई है।

पंचायत में कमेटी के सदस्यों ने बताया कि अभी चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। साथ ही बताया गया कि जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या मानने का निष्कर्ष दिया गया है। हालांकि परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं है और अदालत में अपनी बात रखने की तैयारी कर रहा है।

परिवार और पंचायत का कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर लड़ी जाएगी। इसके लिए वकील के माध्यम से अदालत में उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

मनीषा के पिता संजय और परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि न्याय के लिए वे पीछे नहीं हटेंगे। यदि निचली अदालतों में उनकी आपत्तियों का समाधान नहीं होता है तो उपलब्ध कानूनी विकल्पों के तहत उच्च अदालतों और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाने पर विचार किया जाएगा।

पंचायत में सर्वसम्मति से परिवार को समर्थन देने का फैसला लिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि कानूनी लड़ाई में जब भी परिवार को सामाजिक सहयोग की जरूरत होगी, समाज उसके साथ रहेगा।

फिलहाल मामले में अदालत की आगामी कार्यवाही महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट पर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान क्या निर्णय होता है, यह कोर्ट में होने वाली आगे की सुनवाई से स्पष्ट होगा।

Loading