सोनीपत : करीब 40 दिन से लापता 35 वर्षीय विक्की की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हरिद्वार यात्रा के दौरान 18 हजार रुपए गायब होने के बाद चोरी का शक विक्की पर किया गया था। इसी रंजिश में उसकी हत्या कर शव पुलिया के नीचे फेंक दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार को शव बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
ACP राजपाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इंदिरा गढ़ी निवासी संजय ने अपने भतीजे विक्की के लापता होने की शिकायत दी थी। परिवार के मुताबिक विक्की एक अगस्त को अपने दोस्त प्रीतम और विक्रम के साथ हरिद्वार घूमने गया था।
हरिद्वार से वापस लौटने के बाद 2 अगस्त को प्रीतम और विक्रम दोबारा विक्की के घर पहुंचे और उसे अपने साथ बुलाकर ले गए। इसके बाद विक्की घर वापस नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद मिलने लगा।
परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने विक्की की तलाश शुरू करते हुए उससे जुड़े लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस का शक विक्की के साथ हरिद्वार गए उसके दोस्तों विक्रम और प्रीतम पर गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने विक्की की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस उन्हें साथ लेकर शव की तलाश में निकली।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हरिद्वार यात्रा के दौरान प्रीतम के करीब 18 हजार रुपए गायब हो गए थे। उसे शक था कि ये पैसे विक्की ने लिए हैं। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद बढ़ता चला गया।
पुलिस का आरोप है कि इसके बाद विक्रम और प्रीतम ने विक्की की हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने एक सस्ता चाकू खरीदा और घूमने के बहाने विक्की को अपने साथ ले गए। सुनसान स्थान पर उसकी हत्या करने के बाद शव को पुलिया के नीचे छिपा दिया गया।
वारदात की प्रकृति को देखते हुए हत्या के तरीके का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक विक्की की हत्या में धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
बुधवार को आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गोहाना क्षेत्र में एक पुलिया के नीचे से शव बरामद किया। कई सप्ताह बीत जाने के कारण शव काफी क्षत-विक्षत अवस्था में था। मौके से विक्की का आधार कार्ड भी मिलने की बात कही गई है।
पुलिस ने शव को खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल भेजा है। शव की पहचान और मौत से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक एवं पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया कराई जा रही है।
विक्की के छोटे भाई अक्षय के मुताबिक परिवार को पुलिस द्वारा शव बरामद किए जाने के बाद हत्या की जानकारी मिली। विक्की ड्राइविंग का काम करता था।
फिलहाल पुलिस ने विक्रम और प्रीतम को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ के साथ वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक ₹18 हजार चोरी के संदेह को शुरुआती जांच में हत्या की वजह माना जा रहा है, जबकि पूरे घटनाक्रम और दोनों आरोपियों की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
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