45 दिन में करना होगा भुगतान
हरियाणा के पानीपत में कार चोरी होने के बाद बीमा राशि नहीं मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को कार की बीमित राशि 4 लाख 15 हजार 861 रुपये का भुगतान करे।
इसके साथ ही कंपनी को शिकायत दर्ज कराने की तारीख से वास्तविक भुगतान होने तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। आयोग ने मानसिक परेशानी और अन्य असुविधाओं के लिए 11 हजार रुपये मुआवजा तथा मुकदमे में हुए खर्च के लिए 5,500 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने आदेश की पालना के लिए बीमा कंपनी को 45 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर शिकायतकर्ता को शिकायत दाखिल करने की तारीख से 12 प्रतिशत सालाना ब्याज पाने का हक होगा।
समालखा निवासी दिनेश कुमार ने दर्ज कराई थी शिकायत
यह मामला समालखा के शास्त्री नगर, भापरा रोड निवासी दिनेश कुमार की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता का मामला कार चोरी होने के बाद बीमा कंपनी की ओर से बीमित राशि का भुगतान नहीं किए जाने से संबंधित था। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता सेवा में कमी का जिम्मेदार ठहराते हुए आर्थिक राहत देने के आदेश जारी किए।
आयोग की पीठ ने सुनाया फैसला
इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा, सदस्य डॉ. रेखा चौधरी और विनीत कौशिक की पीठ ने फैसला सुनाया।
उपभोक्ता आयोग के इस आदेश से शिकायतकर्ता को बीमित राशि के साथ ब्याज और मुआवजा पाने का अधिकार मिला है। फैसला बीमा दावों के निपटारे में उपभोक्ता अधिकारों और कंपनियों की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
नरेला में सड़क किनारे खड़ी कार हुई थी चोरी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार नरेला में सड़क किनारे खड़ी थी, जहां से वह चोरी हो गई थी। इसके बाद बीमा राशि का भुगतान नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
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