चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से पांच नए कानून लागू किए हैं। इन नियमों का असर आम नागरिकों, मकान मालिकों, किरायेदारों और कारोबारियों पर पड़ेगा। प्रशासन का कहना है कि नए प्रावधानों से पारदर्शिता बढ़ेगी और कानून व्यवस्था बेहतर होगी।
नए नियमों के अनुसार अब किराए पर मकान देने के लिए रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य कर दिया गया है। मकान मालिकों और किरायेदारों को तय प्रक्रिया के तहत दस्तावेज तैयार करने होंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे किरायेदारों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और किसी भी विवाद या सुरक्षा संबंधी मामले में सहायता मिलेगी।
इसके अलावा फायर एनओसी की वैधता अवधि बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। पहले व्यवसायिक संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को कम समय में नवीनीकरण कराना पड़ता था, लेकिन अब लंबे समय तक वैधता मिलने से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
प्रशासन ने बिना लाइसेंस कारोबार चलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई है। नए कानूनों के तहत बिना अनुमति या लाइसेंस के व्यवसाय संचालित करने पर जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कारोबार पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
इसके साथ ही अन्य नियमों में भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि नए कानूनों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए ताकि नियमों का सही तरीके से पालन हो सके।
प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य शहर में सुरक्षा, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है। आने वाले दिनों में नियमों के पालन को लेकर विशेष अभियान भी चलाए जा सकते हैं।
![]()











