पंचकूला में बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने आरोपी बुजुर्ग को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है। मामले के फैसले के बाद बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार आरोपी ने टॉफी देने का बहाना बनाकर बच्ची को अपने पास बुलाया था। आरोप है कि इसके बाद उसने बच्ची के साथ गलत हरकत की। जब बच्ची रोने लगी तो आरोपी ने उसे थप्पड़ मारकर चुप कराने की कोशिश की।
घटना के बाद बच्ची ने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने बच्ची और परिजनों के बयान दर्ज किए तथा अन्य साक्ष्य जुटाए।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ सबूत और गवाह पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों में त्वरित और सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में ऐसा करने वालों के खिलाफ डर बना रहे।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने के बारे में जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
इस मामले के फैसले को बच्चियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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