चिंतपूर्णी मंदिर के सुगम पास में फर्जीवाड़े का शक: 80 संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिले, मोबाइल नंबर को ही बनाया ID; FIR दर्ज

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Chintpurni Temple

हिमाचल प्रदेश के चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को मिलने वाले सुगम दर्शन पास में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से की गई शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में करीब 80 संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि सुगम पास की व्यवस्था में मोबाइल नंबर को ही ID के तौर पर इस्तेमाल किया गया। इसी व्यवस्था का कथित तौर पर गलत फायदा उठाए जाने का शक है। जांच के दौरान ऐसे कई लेनदेन सामने आए, जिन्हें संदिग्ध माना जा रहा है।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी कतार से राहत देने के लिए सुगम दर्शन पास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके जरिए श्रद्धालु निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्शन कर सकते हैं। ऐसे में पास जारी करने की व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी से मंदिर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा प्रभावित हो सकती है।

मामला सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने पूरे प्रकरण की जानकारी जुटाई और पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। अब पुलिस संदिग्ध ट्रांजैक्शन से जुड़े रिकॉर्ड और मोबाइल नंबरों की जानकारी खंगाल रही है।

जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध ट्रांजैक्शन किन लोगों के खातों या नंबरों से जुड़े हैं और सुगम पास की प्रक्रिया में किस स्तर पर कथित गड़बड़ी हुई। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, भुगतान से संबंधित जानकारी और पास जारी करने की प्रक्रिया की जांच की जा सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

फिलहाल 80 संदिग्ध ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबर को ID के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी जांच का हिस्सा है। पुलिस और मंदिर ट्रस्ट की जांच पूरी होने के बाद ही कथित फर्जीवाड़े की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं को सुगम पास व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही पास लेने की सलाह दी जा सकती है।

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