हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। खासकर निचले और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को बरसाती नालों, खड्डों और नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा सकती है।
28 से 31 जुलाई के बीच प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। इससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
भारी बारिश के असर से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक कई क्षेत्रों में तापमान करीब 3 डिग्री तक गिर सकता है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है।
प्रशासन की ओर से भी मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दे सकता है।
फ्लैश फ्लड की स्थिति अचानक बन सकती है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को भी मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा सकती है।
किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए भी आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। तेज बारिश के दौरान खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल 28 से 31 जुलाई तक हिमाचल में मौसम बेहद संवेदनशील रहने की संभावना है। भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की जरूरत है।
![]()











