डबवाली के चौहान नगर में 30 साल पुराने बसे परिवारों पर प्रॉपर्टी टैक्स का दबाव, EO से राहत की गुहार

3
Dabwali News

सिरसा जिले के डबवाली स्थित चौहान नगर में करीब 30 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों को प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस मिलने के बाद चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद के EO को पत्र भेजकर मामले में राहत देने की मांग की है। परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन आज भी यहां बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

स्थानीय लोगों के अनुसार चौहान नगर में कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उनका कहना है कि वर्षों से यहां रहने के बावजूद कॉलोनी की गलियां तक पूरी तरह पक्की नहीं हैं। कई स्थानों पर सड़क, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

निवासियों ने पत्र के माध्यम से बताया कि जब क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं ही पर्याप्त नहीं हैं तो अचानक प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस मिलने से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की चिंता है। उनका कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही मुश्किल है और ऐसे में टैक्स का भुगतान करना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

चौहान नगर के लोगों ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से मामले की स्थिति स्पष्ट करने और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक कॉलोनी में कई गलियां अभी भी कच्ची या खराब हालत में हैं। बारिश के दौरान इन रास्तों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने पर पानी जमा होने की समस्या भी सामने आ सकती है।

लोगों का कहना है कि वे नगर परिषद से सुविधाओं की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। उनका तर्क है कि यदि उनसे नियमित रूप से टैक्स लिया जाता है तो क्षेत्र में सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसी सुविधाएं भी बेहतर होनी चाहिए।

प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस मिलने के बाद स्थानीय परिवारों ने सामूहिक रूप से EO को पत्र लिखकर अपनी स्थिति बताई है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि नोटिस जारी करने से पहले क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और परिवारों की आर्थिक क्षमता को ध्यान में रखा जाए।

मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि जारी किए गए नोटिस किस आधार पर दिए गए हैं और किन संपत्तियों को टैक्स के दायरे में रखा गया है। नगर परिषद के रिकॉर्ड और संबंधित संपत्तियों की स्थिति की जांच के बाद ही इस संबंध में पूरी तस्वीर सामने आएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चौहान नगर में रहने वाले कई परिवारों ने वर्षों की मेहनत से अपने घर बनाए हैं। अब टैक्स संबंधी नोटिस मिलने से उन्हें भविष्य को लेकर चिंता हो रही है।

निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि टैक्स नियमों के तहत वसूली जरूरी है तो गरीब परिवारों के लिए उपलब्ध छूट या राहत संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी जाए। इससे लोगों को अपनी स्थिति समझने और आगे की प्रक्रिया तय करने में मदद मिलेगी।

वहीं, नगर परिषद के स्तर पर शिकायत और पत्र की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नोटिसों पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी संबंधित रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर फैसला ले सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य टैक्स व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति और क्षेत्र में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी को प्रशासन के सामने रखना है। वे चाहते हैं कि मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए।

चौहान नगर के निवासियों ने प्रशासन से क्षेत्र का निरीक्षण कराने की मांग भी की है, ताकि अधिकारियों को मौके पर गलियों, सफाई और अन्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस को लेकर चौहान नगर के गरीब परिवारों में चिंता बनी हुई है। लोगों की नजर अब नगर परिषद के EO की ओर से मिलने वाले जवाब और आगे की कार्रवाई पर है।

स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी आर्थिक स्थिति और क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोई राहतपूर्ण समाधान निकालेगा।

Loading