दिल्ली-भुज एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 19404 में आरपीएफ की रेवाड़ी टास्क टीम ने कार्रवाई करते हुए एक वांछित आरोपी को पकड़ा। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी नवाब अली के रूप में हुई है। आरपीएफ ने उसे अलवर स्टेशन पर ट्रेन से उतारा। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ओंकार के अनुसार, दिल्ली पुलिस से सूचना मिली थी कि आरोपी दिल्ली से इस ट्रेन में सवार हुआ है। बुधवार, 30 सितंबर को शाम करीब छह बजे टास्क टीम को उसका फोटो और पहचान संबंधी विवरण उपलब्ध कराया गया। इसके आधार पर ट्रेन में तलाश की योजना बनाई गई।
ट्रेन के रेवाड़ी पहुंचने पर जयपुर मंडल की रेवाड़ी टास्क टीम उसमें सवार हुई। रेवाड़ी से रवाना होने के बाद टीम ने अलवर तक के रेलखंड में स्लीपर कोचों में संदिग्ध की तलाश शुरू की। तीसरे स्लीपर कोच की सीट संख्या 23 पर बैठा व्यक्ति उपलब्ध फोटो और हुलिए से मिलता-जुलता मिला।
आरपीएफ के मुताबिक, पहचान की पुष्टि के बाद नवाब अली को निगरानी में लिया गया। ट्रेन के अलवर पहुंचने पर उसे उतारकर आरपीएफ चौकी ले जाया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को जानकारी दी गई।
दिल्ली पुलिस से आरपीएफ को बताया गया कि नवाब अली नई दिल्ली के रूप नगर थाने में दर्ज एक एफआईआर में वांछित है। गुरुवार को रात करीब दो बजे एसटीएफ की टीम अलवर पहुंची और उससे पूछताछ की। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास मिले मोबाइल फोन को भी नियमानुसार जब्त किया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़ा सदस्य और शूटर बताया है। पुलिस ने उसके वसूली और चोरी से संबंधित मामलों में शामिल होने का भी दावा किया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड तथा अन्य मामलों में भूमिका की पड़ताल जारी है। गैंग से संबंध और अपराधों में संलिप्तता के दावे फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा हैं।
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