हरियाणा ATS में बदली भर्ती नीति, सीधी नियुक्ति की जगह अब प्रतिनियुक्ति से होगा स्टाफ तैयार

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Deputation Recruitment

हरियाणा की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को मजबूत बनाने के लिए भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस यूनिट में सीधी भर्ती नहीं की जाएगी, बल्कि आवश्यक स्टाफ अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) के माध्यम से जुटाया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य ATS की कार्यक्षमता को तेजी से बढ़ाना और अनुभवी कर्मियों को शामिल करना बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, ATS में तैनाती के लिए पुलिस विभाग के अलावा अन्य संबंधित विभागों से भी योग्य कर्मियों को चयनित किया जाएगा। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ भी एटीएस को मिल सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए यह मॉडल अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।

नई व्यवस्था के तहत ATS में तैनात जवानों और कर्मियों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि इस यूनिट में काम करने वाले कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के साथ 30 प्रतिशत विशेष भत्ता प्रदान किया जाएगा। यह भत्ता जोखिम भरे और संवेदनशील कार्यक्षेत्र को देखते हुए दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य ATS को अधिक चुस्त-दुरुस्त और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। प्रतिनियुक्ति के जरिए आने वाले कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल भर्ती प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि विभागों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा। साथ ही, यह कदम राज्य की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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