हरियाणा में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य के कृषि विपणन बोर्ड में तैनात एक वरिष्ठ वित्त अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी धन के उपयोग में गंभीर गड़बड़ी की और बड़ी रकम का दुरुपयोग किया।
मामले की जांच पहले से ही सतर्कता एजेंसियों के पास थी। Haryana State Agricultural Marketing Board से जुड़े इस प्रकरण में आरोपी अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि वित्तीय लेनदेन में अनियमितताएं लंबे समय से जारी थीं, जिनकी अब विस्तृत जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले के तार एक बैंकिंग घोटाले से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। IDFC Bank से संबंधित लेनदेन की भी जांच की जा रही है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि फर्जी खातों या अन्य माध्यमों के जरिए रकम को इधर-उधर किया गया हो सकता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
विजिलेंस विभाग ने आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम दस्तावेज और जानकारी जुटाई है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद विभागीय कामकाज और वित्तीय प्रक्रियाओं की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके और पारदर्शिता को मजबूत किया जा सके।
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