सिरसा, 17 अक्टूबर। हरियाणा के सिरसा जिले में दूध के खरीद मूल्य और फैट के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों एवं पशुपालकों ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। शनिवार को शहीद भगत सिंह स्टेडियम में आयोजित बैठक में दूध उत्पादकों और डेयरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला किया गया कि मांगें पूरी नहीं होने पर 2 नवंबर को वीटा मिल्क प्लांट के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।
किसान नेता प्रकाश सिंह ममेरा ने बताया कि इससे पहले दूध के उचित दाम दिलाने की मांग को लेकर वीटा प्लांट पर तीन दिनों तक धरना दिया गया था। उस दौरान तीसरे दिन आंदोलनकारियों ने 15 दिन बाद दोबारा बैठक करने का निर्णय लिया था। इसी के तहत 17 अक्टूबर को यह बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पशुपालकों, दूध उत्पादकों और डेयरी एसोसिएशन के सदस्यों ने आंदोलन को समर्थन दिया। सभी ने दूध के खरीद मूल्य और फैट के निर्धारित रेट में बढ़ोतरी की मांग को प्रमुखता से उठाया।
प्रकाश ममेरा ने कहा कि सरकार को मांगों पर विचार करने के लिए समय दिया गया है। यदि 2 नवंबर तक दूध और फैट के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अन्यथा उसी दिन सुबह 11 बजे वीटा मिल्क प्लांट के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक फैट के रेट में संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक किसानों और पशुपालकों का संघर्ष जारी रहेगा।
इस संबंध में किसान एवं पशुपालक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दूध उत्पादकों की मांगों पर प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
बैठक में जसवीर सिंह भाटी, प्रकाश ममेरा, हंसराज पचार, सोनू, सुरजीत सिंह बेगू, सोनू कंबोज, बृजलाल और रामदीप बराड़ सहित अनेक किसान एवं पशुपालक मौजूद रहे।
अब दूध उत्पादकों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 2 नवंबर से आंदोलन दोबारा शुरू करने की तैयारी है।
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