हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुकी हैं, जबकि डीजल भी 90 रुपए से ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते दामों का सीधा असर आम आदमी की जेब, ट्रांसपोर्ट कारोबार और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने लगा है।
कुरुक्षेत्र समेत कई शहरों में वाहन चालकों ने तेल की कीमतों को लेकर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए अब सफर करना और ज्यादा महंगा हो गया है। वहीं ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो माल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा, जिसका असर बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा।
पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। एसोसिएशन पदाधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और टैक्स संरचना का असर सीधे स्थानीय रेट पर पड़ रहा है। उनका दावा है कि यदि हालात नहीं बदले तो पेट्रोल और डीजल दोनों में 10 रुपए तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेती, परिवहन, व्यापार और घरेलू बजट पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। लोग अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि बढ़ती महंगाई पर कुछ नियंत्रण किया जा सके।
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