हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज रात से बारिश का दौर शुरू हो सकता है और अगले तीन दिनों तक कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है। कम बारिश के कारण प्रदेश के 7 जिलों में सूखे जैसे हालात बताए जा रहे हैं।
मौसम में बदलाव के साथ कई इलाकों में बादल छाने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
मौसम विभाग ने बारिश को देखते हुए संबंधित जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा सकती है।
हरियाणा में इस बार मानसून की बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अच्छी बारिश हुई, जबकि कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। इसी वजह से कुछ इलाकों में कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ने की चिंता है।
कम बारिश वाले जिलों में किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत पड़ सकती है। बारिश की कमी लंबे समय तक बनी रहती है तो खरीफ फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिनों के दौरान होने वाली बारिश से प्रदेश के वर्षा आंकड़ों में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि केवल कुछ दिनों की बारिश से पूरे मानसून की कमी की भरपाई कितनी होगी, यह बारिश की मात्रा और उसके क्षेत्रीय वितरण पर निर्भर करेगा।
बारिश के दौरान शहरों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। जिन क्षेत्रों में पहले से जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है, वहां तेज बारिश होने पर सड़कों पर पानी जमा होने की संभावना रहती है।
ग्रामीण इलाकों में बारिश से खेतों को फायदा मिल सकता है। जिन किसानों की फसलों को सिंचाई की जरूरत है, उनके लिए मानसून की यह सक्रियता राहत लेकर आ सकती है।
दूसरी ओर, अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
प्रदेश में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश और बादल छाने से दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग की ओर से लोगों को बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
7 जिलों में सूखे जैसे हालात का मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बारिश की कमी का सीधा असर भूजल और कृषि पर पड़ सकता है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश होती है तो इन क्षेत्रों में स्थिति में कुछ सुधार संभव है।
प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारी बारिश की स्थिति में जलभराव वाले स्थानों पर निकासी व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम किए जा सकते हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें। खासकर बारिश और आंधी के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
हरियाणा में मानसून के फिर सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत की उम्मीद है। हालांकि प्रदेश में बारिश की कुल कमी अभी बनी हुई है और कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
अगले तीन दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि व्यापक स्तर पर अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है और सूखे जैसे हालात वाले इलाकों को भी राहत मिल सकती है।
फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज रात से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। अगले तीन दिनों के मौसम पर किसानों, प्रशासन और आम लोगों की नजर बनी हुई है।
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