हरियाणा में देर रात बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ कई जिलों में बारिश; 17 जिलों के लिए अगले 3 घंटे का अलर्ट

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Haryana Weather Today

चंडीगढ़ : कई दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे हरियाणा में बुधवार देर रात और गुरुवार तड़के मौसम ने करवट ली। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत महसूस की गई। जींद में बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी जमा हो गया। भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री के मकान के सामने भी जलभराव हुआ और तेज हवा के कारण वहां लगाए गए बैरिकेड्स गिर गए।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार सुबह अगले तीन घंटों के लिए मौसम अलर्ट जारी किया। विभाग के मुताबिक पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल में हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

हिसार समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में रात के समय बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इससे पहले बुधवार को प्रदेश में गर्मी और उमस का असर काफी अधिक रहा। बिजली की मांग भी करीब 11,500 मेगावाट तक पहुंचने की बात सामने आई। बढ़ी मांग के बीच कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती की शिकायतें भी रहीं। बारिश और तापमान में संभावित गिरावट से बिजली की मांग पर भी असर पड़ सकता है।

बारिश से एक दिन पहले प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हिसार का बालसमंद क्षेत्र 38.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश के सबसे गर्म स्थानों में रहा।

इसके अलावा चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और पलवल में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। लगातार गर्मी के साथ वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा था।

रात के तापमान में भी औसतन 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पंचकूला में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री और गुरुग्राम में 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इस बीच मानसून सीजन के बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। 1 जून से 15 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जींद में मानसून सीजन के दौरान करीब 145.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम बताई गई है। सिरसा में करीब 88.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य के मुकाबले लगभग 58 प्रतिशत कम है।

कैथल और रोहतक में सामान्य से करीब 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। कुरुक्षेत्र और करनाल में करीब 41 प्रतिशत, अंबाला में 40 प्रतिशत, हिसार में 37 प्रतिशत, पानीपत में 36 प्रतिशत और सोनीपत में करीब 31 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दूसरी तरफ पलवल में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है। यहां 1 जून से 15 सितंबर के बीच करीब 473.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 21 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

प्रदेश में मानसून की विदाई के करीब पहुंचने के बावजूद मौसम में बदलाव जारी है। गुरुवार सुबह जारी अलर्ट के अनुसार कई जिलों में हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम और स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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