हथिनीकुंड बैराज हादसे में दोनों पैरा कमांडो के शव बरामद, एक करीब 200 KM दूर जींद तो दूसरा यूपी के सहारनपुर में मिला

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Hathnikund Barrage Accident

यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज के पास सैन्य अभ्यास के दौरान यमुना में लापता हुए सेना के दोनों पैरा कमांडो के शव बरामद होने की जानकारी सामने आई है। एक जवान का शव हरियाणा के जींद जिले में करीब 200 किलोमीटर दूर हांसी ब्रांच नहर से मिला, जबकि दूसरे जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में बरामद किया गया। सैन्य स्तर पर पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

हादसा 1 सितंबर की शाम हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान वाटरमैनशिप ट्रेनिंग में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान मोटर बोट में तकनीकी समस्या आने के बाद स्थिति बिगड़ गई।

बोट में सवार जवानों ने पानी में उतरकर सुरक्षित निकलने का प्रयास किया। इनमें तीन जवान तैरकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि दो जवान तेज बहाव में लापता हो गए थे। इसके बाद सेना, वायुसेना, SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

तलाश अभियान हरियाणा तक सीमित नहीं रखा गया। यमुना के बहाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में भी जवानों की तलाश की गई। हेलिकॉप्टर की मदद से हवाई तलाशी भी अभियान का हिस्सा रही।

बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में एक जवान का शव बरामद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद गुरुवार सुबह जींद जिले के अमरेहड़ी गांव के पास हांसी ब्रांच नहर में दूसरे जवान का शव मिला।

जींद में मिले जवान की पहचान महाराष्ट्र निवासी आर्यन पाटिल के रूप में बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार शव घटनास्थल से करीब 200 किलोमीटर दूर पानी के बहाव के साथ पहुंचा था। दूसरे जवान की पहचान जम्मू-कश्मीर के अखनूर क्षेत्र के अजय के रूप में बताई गई है। हालांकि पहचान से संबंधित सैन्य औपचारिकताओं को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

हादसे के बाद सामने आई शुरुआती रिपोर्ट्स में जवानों के लाइफ जैकेट और डाइविंग किट पहनने की जानकारी दी गई थी। तलाशी अभियान के दौरान दादूपुर हेड के आसपास डाइविंग किट और लाइफ जैकेट भी बरामद होने की खबर है।

यमुना में तेज बहाव के कारण सर्च टीमों को बड़े क्षेत्र में अभियान चलाना पड़ा। सेना के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राहत-बचाव एजेंसियों ने नदी, नहरों और संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार तलाश की।

इस हादसे में शुरुआत से अलग-अलग रिपोर्ट्स में जवानों की संख्या और कुछ परिस्थितियों को लेकर अंतर भी सामने आया था। बाद की रिपोर्ट्स में दो जवानों के लापता होने और दोनों के शव मिलने की जानकारी दी गई है।

फिलहाल दोनों जवानों के शव बरामद होने की रिपोर्ट के बाद कई दिनों से जारी तलाश का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। हादसा किन तकनीकी परिस्थितियों में हुआ और सैन्य अभ्यास के दौरान बोट में आई समस्या की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित सैन्य जांच और आधिकारिक बयान से स्पष्ट होगी।

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