सेब रखकर निशाना लगाने जैसे खुलासे,
सरकार ने जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया
हिसार के एक निजी नर्सिंग कॉलेज से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। नर्सिंग छात्राओं की ओर से दर्ज कराई गई FIR में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। FIR के अनुसार, कॉलेज का संचालक छात्राओं के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार करता था। आरोप है कि वह लड़कियों के सिर पर सेब रखकर निशाना लगाता था, जिसे छात्राओं ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बताया है।
छात्राओं का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन का रवैया लंबे समय से तानाशाही भरा था। पढ़ाई और प्रशिक्षण के नाम पर डर और दबाव का माहौल बनाया जाता था। FIR में यह भी उल्लेख किया गया है कि विरोध करने पर छात्राओं को परीक्षा में फेल करने, सर्टिफिकेट रोकने और कॉलेज से निकालने की धमकियां दी जाती थीं। कई छात्राओं ने डर के कारण पहले शिकायत नहीं की, लेकिन मामला सामने आने के बाद उन्होंने एकजुट होकर पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है। सरकार की ओर से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पूरे प्रकरण की निगरानी करेगा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाएगा। नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि पीड़ित छात्राओं को न्याय मिल सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कॉलेज की मान्यता, प्रबंधन की भूमिका और नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें मान्यता रद्द करने तक के कदम शामिल हैं।
इस मामले ने राज्य भर में नर्सिंग कॉलेजों की कार्यशैली पर बहस छेड़ दी है। छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने पीड़ित छात्राओं के समर्थन में आवाज उठाई है और मांग की है कि शिक्षा संस्थानों को डर और उत्पीड़न से मुक्त सुरक्षित स्थान बनाया जाए।
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