चंडीगढ़: हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने नांदेड़ साहिब एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों का विरोध जताते हुए कहा है कि सिख धार्मिक परंपराओं और गुरु मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि सिख पंथ के लिए गुरु मर्यादा सर्वोपरि है और इसे किसी भी कानून या प्रशासनिक व्यवस्था से ऊपर माना जाता है। उन्होंने कहा कि तख्त साहिब के प्रबंधन में सरकारी हस्तक्षेप या सरकारीकरण जैसी किसी भी व्यवस्था का विरोध किया जाएगा।
झींडा ने कहा कि धार्मिक संस्थानों के संचालन में सिख परंपराओं और स्थापित मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी बदलाव से पहले सभी संबंधित पक्षों और सिख समुदाय से व्यापक संवाद होना आवश्यक है।
HSGMC ने मांग की कि प्रस्तावित संशोधनों पर पुनर्विचार किया जाए और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए। कमेटी का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो इस मुद्दे पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
फिलहाल प्रस्तावित संशोधनों को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। मामले में अंतिम निर्णय संबंधित सरकार और प्राधिकरणों की प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।
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