हरियाणा के हिसार में एक धर्मशाला की दीवार तीसरी बार गिरने का मामला सामने आया है। बार-बार दीवार ढहने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है और सरकारी धन का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा।
जानकारी के अनुसार, धर्मशाला में निर्माण कार्य के दौरान तैयार की गई दीवार पहले भी दो बार गिर चुकी है। अब तीसरी बार दीवार गिरने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य मजबूत तरीके से किया गया होता तो बार-बार दीवार गिरने की स्थिति नहीं बनती।
दीवार गिरने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने निर्माण सामग्री और काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विकास कार्यों पर सरकारी पैसा खर्च किया जाता है, लेकिन अगर निर्माण कुछ समय में ही टूट जाए तो इसका सीधा नुकसान जनता को होता है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि धर्मशाला की दीवार बार-बार गिरने के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों को मौके पर जाकर निर्माण कार्य की निगरानी करनी चाहिए, ताकि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल या लापरवाही को रोका जा सके।
बार-बार दीवार गिरने की घटना ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहली और दूसरी बार दीवार गिरने के बाद भी अगर उचित कार्रवाई की गई होती तो तीसरी बार ऐसी घटना नहीं होती।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही धर्मशाला की दीवार को दोबारा मजबूत तरीके से बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
फिलहाल तीसरी बार दीवार गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है। वे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और सरकारी धन के इस्तेमाल का पूरा हिसाब सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
मामले में संबंधित विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दीवार बार-बार गिरने की वास्तविक वजह क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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