जींद में पूर्व पार्षद का शव चिता से उठाकर अस्पताल ले गए परिजन, सुसाइड नोट मिलने से मचा हड़कंप; करोड़ों के लेनदेन का विवाद

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Jind News

जींद। शहर में पूर्व पार्षद श्यामलाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अंतिम संस्कार से ठीक पहले सुसाइड नोट मिलने से सनसनी फैल गई। रविवार देर शाम परिजन शव को सिविल लाइन थाने के पास स्थित श्मशानघाट लेकर पहुंचे थे। शव चिता पर रखा जा चुका था, तभी घर से महिलाओं ने फोन कर श्यामलाल के कपड़ों में सुसाइड नोट मिलने की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव वापस अस्पताल पहुंचाकर पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर श्यामलाल हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने मकान में बेसुध मिले थे। परिजन उन्हें जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार ने शुरुआत में बीमारी के कारण मौत होने की आशंका जताई थी। हालांकि, सुसाइड नोट मिलने के बाद मामला संदिग्ध हो गया। मृतक के बेटे कमल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत देकर शेयर मार्केट ट्रेडर एवं प्रॉपर्टी डीलर विकास बंसल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कमल के अनुसार, उसके पिता ने वर्ष 2022 में दुकान बेचकर 35 लाख रुपए विकास के साथ कारोबार में लगाए थे। दोनों ने सुभाष नगर में करीब एक करोड़ रुपए का प्लॉट भी खरीदा था। बाद में श्यामलाल ने अपना आधा हिस्सा 74 लाख रुपए में विकास को बेच दिया। शिकायत में आरोप है कि विकास पर एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया थी, लेकिन लगातार मांगने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। कमल ने बताया कि छह अक्टूबर को हिसाब करने पहुंचे उसके पिता के साथ विकास के कार्यालय में कथित तौर पर गाली-गलौज और हाथापाई की गई थी। परिजनों का आरोप है कि आर्थिक विवाद और मानसिक परेशानी के कारण श्यामलाल ने आत्मघाती कदम उठाया। परिवार ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव लेने से भी इनकार किया था। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर करीब दो घंटे बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत हुए। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। श्यामलाल दो बार पार्षद रह चुके थे। पुलिस के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

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