कैथल में पटवारियों का आंदोलन लंबा खिंचा, 4 दिन कामकाज ठप; पोर्टल की खामियों पर जताया विरोध

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Kaithal News

कैथल में पटवारियों की हड़ताल को दो दिन और बढ़ा दिया गया है। ऑनलाइन पोर्टल में आ रही तकनीकी और कामकाज से जुड़ी समस्याओं के विरोध में पटवारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। हड़ताल के कारण जिले में कुल चार दिनों तक पटवारियों से संबंधित काम प्रभावित रहने की संभावना है।

पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर पटवार भवन में विरोध जताया। हड़ताल के दौरान कई पटवार भवनों पर ताले लटके रहे और कार्यालयों में नियमित कामकाज नहीं हुआ। इससे राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पटवारियों का कहना है कि विभागीय पोर्टल में लगातार तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के कारण काम को समय पर पूरा करने में दिक्कत होती है और कई बार पोर्टल पर काम अटक जाता है। उनका आरोप है कि तकनीकी समस्याओं के बावजूद कर्मचारियों पर काम पूरा करने का दबाव बना रहता है।

पटवारियों के अनुसार पोर्टल में आने वाली समस्याओं का असर सीधे उनके काम पर पड़ता है। जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, इंतकाल, प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व कार्यों को ऑनलाइन प्रक्रिया से पूरा करना होता है। पोर्टल में तकनीकी परेशानी आने पर लोगों के काम भी प्रभावित होते हैं।

हड़ताल के कारण जमीन से जुड़े विभिन्न कामों के लिए पटवारियों के कार्यालय आने वाले लोगों को अब इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को समय और यात्रा का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।

पटवारियों ने सरकार और संबंधित विभाग से पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक ऑनलाइन सिस्टम ठीक तरीके से काम नहीं करता, तब तक कर्मचारियों के सामने अनावश्यक दबाव की स्थिति बनी रहेगी।

आंदोलन को दो दिन और बढ़ाने का फैसला कर्मचारियों की नाराजगी को दर्शाता है। पटवारी संगठनों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को पहले भी विभाग के सामने रख चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें हड़ताल जारी रखने का निर्णय लेना पड़ा।

पटवार भवनों पर ताले लगे रहने से राजस्व विभाग से संबंधित सेवाओं पर असर पड़ सकता है। लोगों को भूमि रिकॉर्ड, सीमांकन, इंतकाल और अन्य कार्यों के लिए संबंधित कार्यालयों में संपर्क करना पड़ता है।

पटवारियों की हड़ताल के कारण प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। एक तरफ कर्मचारियों की तकनीकी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को मिलने वाली राजस्व सेवाओं को सुचारु रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

लोगों का कहना है कि पोर्टल की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए ताकि कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी से राहत मिल सके। ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भरता बढ़ने के कारण तकनीकी व्यवस्था का ठीक रहना जरूरी हो गया है।

पटवारियों का कहना है कि वे काम से बचने के लिए आंदोलन नहीं कर रहे, बल्कि कार्यप्रणाली से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि तकनीकी रूप से बेहतर व्यवस्था होने पर काम अधिक तेजी और पारदर्शिता से किया जा सकता है।

हड़ताल के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है। यदि सरकार पोर्टल से जुड़ी समस्याओं पर ठोस आश्वासन देती है तो आंदोलन समाप्त होने का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल कैथल में पटवारियों की हड़ताल दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद चार दिन तक काम प्रभावित रहने की स्थिति है। पटवार भवनों पर ताले लगे हैं और कर्मचारी पोर्टल की खामियों को दूर करने की मांग पर कायम हैं।

अब सभी की नजर प्रशासन और पटवारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि तकनीकी समस्याओं का समाधान जल्द होता है तो राजस्व सेवाएं सामान्य हो सकती हैं और लोगों को भी राहत मिलेगी।

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