कुरुक्षेत्र, हरियाणा। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाला 11वां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ विज्ञान, आधुनिक तकनीक और देश की सैन्य क्षमताओं का भी अनूठा संगम बनेगा। महोत्सव में पहली बार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपनी प्रदर्शनी लगाएगा, जहां आगंतुकों को अंतरिक्ष विज्ञान और भारत की उपलब्धियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
पहली बार लगेगी इसरो की प्रदर्शनी
महोत्सव में इसरो की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण होगी। इसके माध्यम से लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं को ग्रहों, अंतरिक्ष विज्ञान तथा भारत के विभिन्न अंतरिक्ष अभियानों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाना है। आगंतुक भारत की अंतरिक्ष तकनीक और वैज्ञानिक प्रगति के बारे में जान सकेंगे।
वायुसेना और नौसेना भी दिखाएंगी अपनी क्षमताएं
इस बार महोत्सव में भारतीय वायुसेना और नौसेना की प्रदर्शनियां भी आयोजित करने की योजना है। वायुसेना की प्रदर्शनी में पाकिस्तान के खिलाफ की गई एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की जाएगी।
वहीं, भारतीय नौसेना की प्रदर्शनी में देश की समुद्री सुरक्षा और सैन्य क्षमताओं से संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी।
5 से 25 दिसंबर तक चलेगा आयोजन
11वां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 5 दिसंबर से 25 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कुल 21 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यटन गतिविधियों के साथ विज्ञान एवं तकनीक को भी विशेष स्थान दिया जाएगा।
10 लाख विद्यार्थियों को जोड़ने की तैयारी
आयोजकों की योजना देशभर के स्कूलों और विश्वविद्यालयों के करीब 10 लाख विद्यार्थियों को महोत्सव से जोड़ने की है।
इस पहल से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और गीता के संदेश के साथ वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा देश की रक्षा क्षमताओं के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
महोत्सव को युवाओं के लिए अधिक ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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