जींद/सफीदों (एस• के• मित्तल)। हरियाणा के जींद जिले की सफीदों अनाज मंडी में गुरुवार को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को किसानों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। मंडी में फसल खरीद व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री के सामने किसानों ने डीएपी खाद की कमी का मुद्दा उठाया। इस दौरान मंत्री ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपी खाद इस्तेमाल करने की सलाह दी, जिस पर किसानों ने कड़ी आपत्ति जताई।
डीएपी की कमी को लेकर किसानों ने जताई नाराजगी
मंडी में कृषि मंत्री से मुलाकात के दौरान किसानों ने बताया कि आगामी फसलों की बिजाई के लिए डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन इसकी उपलब्धता को लेकर परेशानी हो रही है।
किसानों ने कहा कि खाद लेने के लिए उन्हें बार-बार लंबी कतारों में लगना पड़ता है। इससे उनका समय बर्बाद होता है और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मंत्री की सलाह पर किसानों ने उठाए सवाल
किसानों की शिकायत सुनने के बाद कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने डीएपी के स्थान पर एनपी खाद का उपयोग करने की सलाह दी।
इस पर किसानों ने कहा, “मंत्री जी, हमें डीएपी पर भरोसा है। हमारी भी इज्जत है। बार-बार लाइन में लगाकर हमें बेइज्जत मत करो।”
किसानों ने खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए। बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मंत्री बोले- किसी पर नहीं थोप रहे एनपी खाद
किसानों की नाराजगी को देखते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी किसान पर एनपी खाद का इस्तेमाल करने का दबाव नहीं बना रही है।
उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि डीएपी खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
बातचीत का वीडियो भी आया सामने
सफीदों अनाज मंडी में कृषि मंत्री और किसानों के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। इसमें किसान खाद की समस्या को लेकर मंत्री से सवाल करते दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल किसानों की प्रमुख मांग है कि बिजाई के समय पर्याप्त डीएपी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें बार-बार वितरण केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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