कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। मुकाबले के बाद उनके पिता ने कहा कि तेज हवा और हाल के दिनों में लगी चोट का असर प्रदर्शन पर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद सिल्वर मेडल जीतना गर्व की बात है। वहीं हरियाणा के भिवानी निवासी यशवीर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 85.41 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
नीरज चोपड़ा के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतियोगिता के दौरान मौसम की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। तेज हवा के कारण खिलाड़ियों को बेहतर लय बनाने में कठिनाई हुई। उन्होंने बताया कि नीरज को कुछ दिन पहले चोट भी लगी थी, जिसका असर प्रदर्शन पर देखने को मिला। इसके बावजूद उन्होंने पूरी क्षमता के साथ मुकाबला खेला और देश के लिए पदक जीता।
दूसरी ओर, भिवानी के यशवीर ने 85.41 मीटर का शानदार थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यह उपलब्धि उनके करियर की बड़ी सफलता मानी जा रही है। यशवीर के प्रदर्शन पर खेल प्रेमियों और प्रदेशवासियों ने खुशी जताई है। उनकी इस उपलब्धि ने हरियाणा की खेल परंपरा को एक बार फिर मजबूत किया है।
हरियाणा लंबे समय से एथलेटिक्स, कुश्ती, बॉक्सिंग और अन्य खेलों में देश को उत्कृष्ट खिलाड़ी देता रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने लगातार शानदार प्रदर्शन कर भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन परिस्थितियों में भी खिलाड़ियों का संयम और आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत होती है। नीरज और यशवीर दोनों ने चुनौतीपूर्ण हालात में जिस तरह प्रदर्शन किया, वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अब दोनों खिलाड़ियों की नजर आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर होगी। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वे आने वाले टूर्नामेंटों में भी शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए और अधिक पदक जीतेंगे।
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