नीतू हत्याकांड: जेठ ने रची दोहरी साजिश, हत्या को चोरी दिखाने की भी बनाई योजना

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Neetu Murder Case

गुरुग्राम। गुरुग्राम के नीतू हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान साजिश को लेकर कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच के अनुसार, जमीन विवाद में नीतू की हत्या की कथित साजिश रचने वाले उसके जेठ संदीप ने वारदात को अंजाम देने के साथ खुद को बचाने की योजना भी तैयार की थी। बताया जा रहा है कि उसने इसके लिए प्लान A और प्लान B बनाए थे, ताकि हत्या में दूसरे लोगों को आगे रखकर खुद को पुलिस के शक से दूर रखा जा सके। 16 अक्टूबर को हुई इस वारदात को चोरी का मामला दिखाने की कोशिश भी की गई थी।

प्लान A में दो आरोपियों को दी जिम्मेदारी

जांच के मुताबिक, संदीप ने नीतू की हत्या के लिए कथित तौर पर अनुज और अविनाश को चुना। दोनों को रुड़की से गुरुग्राम के दौलाह गांव बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार, संदीप स्थानीय बदमाशों की मदद लेने के बजाय बाहर से आरोपियों को बुलाना चाहता था, ताकि वारदात में उसकी भूमिका सामने आने की आशंका कम रहे।

जांच में यह भी सामने आया है कि संदीप ने कथित तौर पर ऐसी योजना बनाई थी, जिससे पुलिस को शुरुआत में उस पर संदेह न हो। वह खुद को पूरी वारदात से अलग दिखाना चाहता था। हालांकि, जांच में सामने आए इन तथ्यों की पुष्टि पुलिस की आधिकारिक जानकारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी है।

हत्या के बाद भी मौत की पुष्टि करवाने का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद जब अनुज और अविनाश घर से निकलने लगे, तो संदीप ने उनसे दोबारा पुष्टि करने को कहा कि नीतू की मौत हो चुकी है या नहीं। इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां हत्या की साजिश और उसके पीछे की कथित भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

मामले में जमीन विवाद को हत्या की वजह बताया जा रहा है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि विवाद कब और कैसे बढ़ा तथा हत्या की योजना तैयार करने में किसकी क्या भूमिका रही।

वारदात को चोरी का रूप देने की कोशिश

जांच के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद घटनास्थल को इस तरह दिखाने की कोशिश की, जिससे पुलिस को लगे कि घर में चोरी के इरादे से घुसपैठ हुई थी। इसके लिए नीतू का मुंह टेप से और हाथ रस्सी से बांध दिए गए। इसके बाद घर का सामान इधर-उधर बिखेर दिया गया, ताकि वारदात चोरी के दौरान हुई घटना जैसी दिखाई दे।

पुलिस अब कथित साजिश, आरोपियों के आपसी संपर्क और घटनास्थल पर सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने और अदालत में तथ्यों के परीक्षण के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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