अमेरिका में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पिहोवा निवासी 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा का शव रविवार तड़के करीब दो बजे दिल्ली पहुंच गया। परिवार के लोग शव लेने के लिए रात में ही दिल्ली रवाना हो गए थे। रविवार को शव पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी स्थित घर लाया जाएगा और अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों के अनुसार, विक्की का शव अमेरिका से भारत लाने की प्रक्रिया में करीब 15 दिन लगे। इस दौरान परिवार के सामने खर्च जुटाने की भी चुनौती थी। अमेरिका में उसके दोस्तों और परिचितों ने आर्थिक मदद के लिए अभियान चलाया। विक्की के दोस्त और रूममेट हैप्पी ने इस अभियान की शुरुआत की थी।
अभियान के जरिए करीब 20 लाख रुपए जुटाए गए। इस रकम से शव को भारत भेजने और उससे जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं का खर्च उठाया गया। दोस्तों, परिचितों और अन्य लोगों ने अभियान में योगदान दिया। शव भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक अमेरिका में उसके दोस्त परिवार की मदद करते रहे।
विक्की करीब 12 साल पहले अमेरिका गया था। परिजनों के मुताबिक, 17-18 सितंबर की रात ओहायो के हाईवे पर हुए हादसे में उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी हैप्पी ने ही परिवार को दी थी।
बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, विक्की ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। सामने से गलत दिशा में दूसरा ट्राला आने पर उसे बचाने के प्रयास में उसका वाहन कंक्रीट के बैरियर से टकरा गया। हादसे में विक्की की मौके पर ही मौत हो गई।
चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की साल के आखिर में घर लौटने की तैयारी कर रहा था। परिवार नवंबर-दिसंबर में उसके आने का इंतजार कर रहा था और शादी की योजना भी बनाई जा रही थी। घर लौटने से पहले हुए हादसे ने परिवार की उम्मीदों को गहरे दुख में बदल दिया।
विक्की के परिवार में पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू हैं। उसकी मां राजरानी का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। लंबे इंतजार के बाद अब परिजन उसका अंतिम संस्कार अपने शहर में कर सकेंगे।
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