चेकिंग के दौरान उपद्रव
सोनीपत में बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे विभागीय कर्मचारियों पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। टीम जैसे ही गांव में मीटर और कनेक्शन की जांच कर रही थी, तभी कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। स्थिति थोड़ी ही देर में बिगड़ गई और ग्रामीणों ने ईंटें उठाकर कर्मचारियों पर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद भीड़ ने लात-घूंसे मारकर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
हमले में एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। अन्य कर्मचारी भी चोटिल हुए हैं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद टीम ने किसी तरह मौके से खुद को बचाते हुए पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस बल गांव पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी की शिकायतों पर नियमित कार्रवाई की जा रही थी, इसी दौरान टीम पर हमला हुआ। पुलिस ने हमला करने वालों की पहचान शुरू कर दी है और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। आगे भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग ने कहा है कि चोरी रोकने के लिए जांच अभियान जारी रहेगा, लेकिन ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम में बाधा डालना और हमला करना गंभीर अपराध है, जिसके लिए कठोर कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।
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