रेवाड़ी। गांव खरखड़ा में खुले में कचरा डालने और गंदा पानी बहाने की शिकायत पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बीडीपीओ धारूहेड़ा पर 25 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने सात दिन के भीतर राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच को एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट में गंदा पानी बहाना तत्काल रोकने के लिए भी कहा गया है।
खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव ने खुले में कचरा फेंकने, उसे जलाने और गंदा पानी बहाने की शिकायत की थी। इसके बाद बोर्ड के फील्ड ऑफिसर ने 7 अक्टूबर 2026 को मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण में खुले में ठोस कचरा डाले जाने और गांव का बरसाती व गंदा पानी ग्रीन बेल्ट में छोड़े जाने के साक्ष्य मिले।
क्षेत्रीय अधिकारी के आदेश में पर्यावरण मुआवजे की राशि बोर्ड के खाते में जमा कराने को कहा गया है। निर्देशों का पालन नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 और राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गांव में कचरा जलाने का मामला भी उठाया गया है। आरोप है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन ग्राम सभा के दौरान आईजी साउथ रेंज कार्यालय और एचएसवीपी रोड के पास नवनिर्मित जोहड़ के नजदीक कचरे के ढेर में आग लगाई गई थी। इससे आसपास धुआं और दुर्गंध फैलने की शिकायत सामने आई थी।
खरखड़ा में कचरा निस्तारण से जुड़ी ग्रामीण की याचिका एनजीटी की प्रधान पीठ में विचाराधीन है। अधिकरण इस मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, ग्राम पंचायत के सरपंच और उपायुक्त रेवाड़ी से जवाब मांग चुका है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।
बोर्ड की कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारी और पंचायत को पर्यावरण मुआवजा जमा कराने तथा कचरे और गंदे पानी से संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
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