रेवाड़ी। जिले में राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) के तहत विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन की धीमी रफ्तार ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा के कुल 5031 विद्यार्थियों में से अब तक केवल 2135 ने आवेदन किया है, जबकि 2896 विद्यार्थियों के आवेदन बाकी हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति उन 11 सरकारी स्कूलों की है, जहां अभी तक एक भी विद्यार्थी का पंजीकरण नहीं हुआ है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने के कारण विभाग ने संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 24 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों के आवेदन करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई विद्यालयों में पंजीकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। विभागीय जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी ब्लॉक में 1946 विद्यार्थियों में से 705, बावल में 1233 में से 526, जाटूसाना में 666 में से 335, खोल में 608 में से 343 तथा नाहड़ में 524 में से 228 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। जिन विद्यालयों में एक भी आवेदन नहीं हुआ, उनमें राजकीय माध्यमिक विद्यालय कमालपुर, पावटी, चांदनवास, खुशपुरा, ढाणी कोलाना, सुर्खपुर, गंगायचा जाट और माल्हेड़ा शामिल हैं। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धवाना एवं झाड़ौदा तथा राजकीय उच्च विद्यालय शहादतनगर में भी पंजीकरण शून्य बताया गया है। एनएमएमएस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पात्र विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं से बारहवीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिलती है। योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय साढ़े तीन लाख रुपए तक होनी चाहिए। जिला नोडल अधिकारी एवं डीएमएस अशोक नामवाल ने स्कूल मुखियाओं को शेष समय में पात्र विद्यार्थियों के अधिकतम आवेदन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेताया कि आवेदन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
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