रोहतक में पानी की टंकी में मिली विवाहिता की मौत पर परिजनों ने उठाए सवाल, बोले- एक महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं; पुलिस ने कहा-जांच जारी

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Rohtak Chetna Case

रोहतक : शहर की नेहरू कॉलोनी में 22 वर्षीय विवाहिता चेतना का शव घर की छत पर रखी पानी की टंकी में मिलने के मामले में मायके पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना को करीब एक महीना होने वाला है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। शुक्रवार को परिवार के सदस्य एसपी कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष व तेज कार्रवाई की मांग की।

मृतका की पहचान झज्जर जिले के माछरौली गांव निवासी वीरेंद्र सिंह की 22 वर्षीय बेटी चेतना के रूप में हुई थी। चेतना की शादी 8 दिसंबर 2025 को रोहतक की नेहरू कॉलोनी निवासी मनीष के साथ हुई थी। 16 अगस्त को चेतना का शव घर की छत पर रखी पानी की टंकी में मिला था।

चेतना की मां स्नेहलता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। उनका दावा है कि चेतना के साथ मारपीट भी की जाती थी और परिवार ने कई बार ससुराल पक्ष से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया था।

स्नेहलता के मुताबिक चेतना का पति मनीष कथित तौर पर गाड़ी की मांग कर रहा था और इसी वजह से उनकी बेटी को परेशान किया जाता था। ये आरोप मृतका के मायके पक्ष की ओर से लगाए गए हैं और इनकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

परिजनों का कहना है कि चेतना का शव मिलने के समय उसके शरीर पर चोट जैसे निशान दिखाई दिए थे। परिवार ने गले पर भी निशान होने का दावा किया है। स्नेहलता के अनुसार उन्हें पोस्टमॉर्टम से संबंधित प्रारंभिक जानकारी मिली है, जबकि विसरा रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

परिवार ने विसरा रिपोर्ट आने में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई। स्नेहलता ने कहा कि उन्हें पहले कुछ दिनों में रिपोर्ट मिलने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में समय बढ़ता गया। उन्होंने सवाल उठाया कि रिपोर्ट का इंतजार करने के साथ-साथ नामजद लोगों से पूछताछ और अन्य जांच भी तेजी से की जानी चाहिए।

मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि चेतना की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई और उसकी हत्या कर शव पानी की टंकी में डाल दिया गया। परिवार ने पति मनीष, ससुर राजेंद्र और सास शीला देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों पर अभी जांच चल रही है और किसी नामजद व्यक्ति का दोष न्यायिक रूप से साबित नहीं हुआ है।

परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। करीब एक महीना बीतने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार में नाराजगी है। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप भी लगाया और उच्च अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सिटी थाना के जांच अधिकारी एएसआई संजीत सिंह के मुताबिक पुलिस को विवाहिता का शव पानी की टंकी में मिलने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था।

पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी के मुताबिक पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

अब मामले में विसरा रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चेतना की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिवार द्वारा लगाए गए दहेज प्रताड़ना व हत्या के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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