रोहतक में छात्र राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। Indian National Students Organization (INSO) के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा विश्वविद्यालयों को लेकर दिए गए बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विचारधारा विशेष को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, जिसे लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
इस बयान के बाद मामला और बढ़ गया जब Guru Jambheshwar University of Science and Technology में पहले ही शिकायत दर्ज की जा चुकी थी। अब Kurukshetra University में भी संबंधित मामले को लेकर FIR दर्ज करवाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि बयान की गंभीरता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के बयान संस्थानों की छवि को प्रभावित करते हैं और छात्रों के बीच अनावश्यक तनाव पैदा कर सकते हैं। इसलिए मामले की जांच कर उचित कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, छात्र संगठनों के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं।
दूसरी ओर, INSO की ओर से कहा गया है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी बात रखना था और किसी भी संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों ही स्तर पर मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह मुद्दा शिक्षा और राजनीति के संगम से जुड़ा हुआ है।
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