रोहतक में टंकी में मिला था विवाहिता का शव, ससुराल पक्ष के समर्थन में आए पड़ोसी; निष्पक्ष जांच की मांग

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Rohtak News

रोहतक की नेहरू कॉलोनी में पानी की टंकी में विवाहिता का शव मिलने के मामले में अब पड़ोसियों और ससुराल पक्ष के परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया था। वहीं, ससुराल पक्ष के समर्थन में आए लोगों ने आरोपों को गलत बताते हुए एसपी से मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।

मृतका की पहचान झज्जर जिले के माछरौली गांव निवासी वीरेंद्र सिंह की 22 वर्षीय बेटी चेतना के रूप में हुई थी। उसकी शादी दिसंबर 2025 में नेहरू कॉलोनी निवासी राजेंद्र के बेटे मनीष से हुई थी। चेतना 15 अगस्त को ससुराल लौटी थी। अगले दिन रात को छत पर रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी में उसका शव मिला।

पड़ोसी नीलम ने कहा कि घटना वाली रात चेतना के मौसा-मौसी घर पहुंचे थे। उनके मुताबिक, उन्होंने चेतना के गायब होने की बात कहकर टंकी में देखने को कहा था। नीलम का कहना है कि उन्होंने टंकी पर चढ़ने में असमर्थता जताई। उन्होंने दावा किया कि ससुराल के घर से कभी झगड़े की आवाज नहीं सुनी थी।

चेतना के ससुर के चाचा वीरभान ने दावा किया कि 16 अगस्त की सुबह करीब साढ़े नौ बजे राजेंद्र, उनकी पत्नी शीला और बेटा मनीष दिल्ली गए थे। उनके अनुसार, पड़ोसियों ने दोपहर करीब दो बजे चेतना को घर के दरवाजे पर देखा था। परिवार रात को लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला और दीवार पार कर अंदर जाना पड़ा।

वीरभान के मुताबिक, चेतना नहीं मिली तो मायके वालों को सूचना दी गई। उन्होंने मृतका के मौसा-मौसी पर हंगामा, मारपीट और खिड़की का कांच तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए और परिवार के लोगों को निर्दोष बताया।

वीरभान ने पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का हवाला देकर आत्महत्या का दावा किया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में पुलिस की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। सिटी थाना के जांच अधिकारी एएसआई संजीत सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव टंकी से बाहर निकाला था। मामले की जांच जारी है।

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