जींद जिले के सफीदों की अनाज मंडी में गुरुवार को किसान महापंचायत आयोजित होगी। इसमें धान खरीद, फसल में नमी और प्रति एकड़ निर्धारित खरीद सहित किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बिजली कर्मचारियों और अधिवक्ता प्रवीण बूरा के बीच कथित मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर भी आगे की रणनीति तय की जा सकती है।
भारतीय किसान यूनियन के जींद प्रधान नवीन मलिक ने बताया कि महापंचायत में प्रदेशभर के किसान नेताओं के शामिल होने की बात है। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान बेचने के दौरान किसानों के सामने आ रही समस्याओं को उठाया जाएगा। नमी और प्रति एकड़ तय खरीद से संबंधित मांगों पर भी विचार होगा।
नवीन मलिक के अनुसार, किसान और ग्रामीण 20 सितंबर से गांव हाट के पावर हाउस के बाहर धरना दे रहे हैं। उनकी मांग अधिवक्ता से मारपीट के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर आश्वासन के बावजूद सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि 28 सितंबर को एसडीएम कार्यालय के घेराव के दौरान भी जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया गया था। इससे पहले भी पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिए थे। उनके मुताबिक, मुख्य दो आरोपियों में से अभी तक केवल एक की गिरफ्तारी हुई है, जिससे धरने पर बैठे किसानों में रोष है।
किसान नेताओं का कहना है कि महापंचायत में गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगामी कदम पर चर्चा होगी। धान खरीद से जुड़ी किसानों की मांगें सरकार के सामने रखने पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल किसी नए आंदोलन या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
यह विवाद 16 सितंबर की रात का है। अधिवक्ता प्रवीण बूरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह शिकायत दर्ज करवाने हाट गांव के पावर हाउस गए थे। वहां विवाद होने के बाद बिजली कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की।
अधिवक्ता की शिकायत पर पुलिस ने एसडीओ सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब महापंचायत में इस मामले और धान खरीद की समस्याओं को लेकर किसान नेताओं की राय ली जाएगी।
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