बाबा साहेब आधुनिक भारत के दूरदर्शी चिंतक थे: डीजीपी संजीव कुमार जैन

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सफीदों, (एस• के• मित्तल): ह्यूमन राइट कमीशन के डीजीपी संजीव कुमार जैन ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारत के निर्माण और सामाजिक उत्थान में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए और समाज को जाति एवं भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया। ह्यूमन राइट कमीशन के डीजीपी संजीव कुमार जैन शनिवार को स्थानीय नागक्षेत्र हॉल में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर का राष्ट्र निर्माण में योगदान और समकालीन भारत में उनकी प्रासंगिकता विषय और कोई सताये-हमें बतायें मुहिम पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। डीजीपी संजीव कुमार जैन ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि आधुनिक भारत के ऐसे दूरदर्शी चिंतक थे जिन्होंने देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध जैसी परियोजनाओं की परिकल्पना, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना, हिन्दू कोड बिल तथा महिलाओं को भी बराबरी और चुनावों में मतदान का अधिकार दिलाने जैसे अनेक ऐतिहासिक कार्य बाबा साहेब की दूरदृष्टि का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. भीम राव अंबेडकर ने संविधान निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार के जातिगत या सामाजिक भेदभाव को महत्व नहीं दिया और सभी वर्गों को समान अवसर एवं अधिकार प्रदान करने की दिशा में कार्य किया। संविधान की मूल भावना सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे पर आधारित है, जिसे प्रत्येक नागरिक को समझने और अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर आयोजकों ने डीजीपी संजीव कुमार जैन का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें पगड़ी, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर डीएसपी गौरव शर्मा, आरपीआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील गहलोत, डॉ. दिनेश खानपुर, डॉ. जगदीश सैनी, मोहित राणा, सुनीता रंगा, जितेंद्र राणा, जयवीर रंगा, सुलतान सिंह बैनिवाल, सतबीर सिंघल, सरदार बलदेव सिंह, रोशन सैनी नम्बरदार, रामनिवास मुआना, निर्मल बूरा, रामकरण अटावा, राजकुमार नम्बरदार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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