सिरसा : नगर परिषद और नगर पालिकाओं के सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर जिले में हड़ताल जारी है। आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए सफाई कर्मचारियों ने दो दिन तक जिला स्तर पर विभिन्न जनसंगठनों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का फैसला किया है। इसके बाद कर्मचारी 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित राज्य स्तरीय महापंचायत के लिए रवाना होंगे।
सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह रणनीति बनाई। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि ऐलनाबाद, डबवाली और कालांवाली समेत विभिन्न स्थानों पर चल रहे धरनों को कई संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
सफाई कर्मचारी अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार से लिखित आदेश चाहते हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से मांगों पर सहमति की बात कही जा रही है और कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की जा रही है, लेकिन जब तक उन्हें स्पष्ट लिखित आदेश नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
जिला प्रधान मनोज अठवाल ने दावा किया कि जिले में सफाई कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर हैं और किसी कर्मचारी ने काम पर वापसी नहीं की है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायी प्रकृति के काम के लिए स्थायी भर्ती किए जाने का मुद्दा शामिल है।
आंदोलन में शामिल महिला कर्मचारियों ने भी मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने की बात कही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखते हुए सरकार से मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय चाहते हैं।
इस बीच सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने भी सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि संबंधित आदेशों का पालन नहीं होने के कारण कई स्थानों पर कचरा जमा है। सेतिया के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में हरियाणा के मुख्य सचिव को शिकायत नोटिस भेजा है।
हड़ताल के कारण शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का मुद्दा भी लगातार उठ रहा है। कर्मचारियों के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग धरना स्थलों पर पहुंच रहे हैं। कर्मचारी संगठन इसे अपनी मांगों के समर्थन के रूप में देख रहे हैं।
वहीं सिरसा शहर की नागरिक समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा ने भी प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाए हैं। शर्मा का कहना है कि उन्होंने 19 जून 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिरसा दौरे के दौरान शहर की सड़कों, नगर परिषद और पब्लिक हेल्थ विभाग से संबंधित समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा था।
राजकुमार शर्मा का आरोप है कि उनकी शिकायत पर वास्तविक कार्रवाई करने के बजाय उसका कागजी निपटारा कर दिया गया और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने नगर परिषद से जुड़े कार्यों की जांच की मांग भी उठाई थी।
दूसरी ओर एक्शन टेकन रिपोर्ट में नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि स्ट्रॉम वॉटर प्रोजेक्ट और पब्लिक हेल्थ विभाग की पाइप लाइन बिछाने के काम के कारण कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। टूटी सड़कों के निर्माण के लिए अनुमान तैयार कर तकनीकी मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ई-निविदा के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर आगे निर्माण कराया जाएगा।
फिलहाल सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव 13 सितंबर की कुरुक्षेत्र महापंचायत है। इससे पहले सिरसा में दो दिन तक विभिन्न संगठनों को साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग सरकार की ओर से स्पष्ट लिखित आदेश जारी किए जाने की है।
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