सोनीपत : जिले के खरखौदा में 20 लाख रुपए की उधारी से जुड़ा करीब 13 साल पुराना विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रकम की सिक्योरिटी के तौर पर दिया गया चेक बैंक में स्वीकार नहीं हुआ और इसके बाद आरोपी ने संपर्क करना भी बंद कर दिया। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर खरखौदा थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अजय कुमार ने कोर्ट में दायर शिकायत में बताया कि वह और आरोपी वेद प्रकाश कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों वर्ष 2010 से कारोबारी पार्टनर भी रहे थे। इसी पुराने कारोबारी संबंध और आपसी विश्वास के चलते जनवरी 2013 में आरोपी ने अपनी व्यक्तिगत जरूरत बताते हुए उससे 20 लाख रुपए मांगे थे।
अजय का दावा है कि उसने गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को 20 लाख रुपए नकद दिए। शिकायत के अनुसार यह रकम तीन साल की अवधि के लिए दी गई थी। रकम की वापसी सुनिश्चित करने के लिए आरोपी ने HSBC बैंक का एक चेक सिक्योरिटी के तौर पर दिया था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने उससे कहा था कि खाते में पर्याप्त राशि आने के बाद वह चेक को बैंक में प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित अवधि गुजरने के बाद भी रकम वापस नहीं मिलने पर दोनों के बीच इस संबंध में बातचीत होती रही।
अजय के अनुसार वर्ष 2018 में उसने आरोपी से अपनी 20 लाख रुपए की रकम वापस मांगी। आरोप है कि उस समय आरोपी ने आर्थिक तंगी का हवाला दिया और कुछ समय बाद भुगतान करने की बात कही। पुराने कारोबारी संबंधों के कारण शिकायतकर्ता ने उस समय उसे अतिरिक्त समय दे दिया।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2025 में अजय ने एक बार फिर रकम वापस मांगी। इस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसे सिक्योरिटी के रूप में दिया गया चेक बैंक में लगाने की सहमति दी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने 25 मई 2025 को चेक खरखौदा स्थित अपने ICICI बैंक खाते में प्रस्तुत किया। शिकायत के मुताबिक बैंक अधिकारियों ने चेक स्वीकार नहीं किया और बताया कि बैंक में केवल CTS श्रेणी के चेक स्वीकार किए जा रहे हैं, जबकि प्रस्तुत किया गया चेक उस श्रेणी में नहीं आता।
अजय का आरोप है कि चेक स्वीकार नहीं होने के बाद उसने आरोपी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसके फोन का जवाब मिलना बंद हो गया। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रकम वापस न करने के उद्देश्य से उसके साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी और जालसाजी की गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इस संबंध में खरखौदा थाना SHO को भी शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने शिकायत डाक के माध्यम से भेजी और उसकी रसीद भी अदालत में पेश की।
इसके बाद अजय ने BNSS की धारा 175(3) के तहत अदालत में इस्तगासा दायर कर FIR दर्ज कराने की मांग की। अदालत के आदेश के बाद खरखौदा थाना पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, संबंधित चेक, बैंक रिकॉर्ड और शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी। शिकायत में लगाए गए धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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