ऑनलाइन जाल में फंसा तकनीकी कर्मी, एक क्लिक में खाली हुआ बैंक खाता

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WhatsApp fraud

डिजिटल निमंत्रण बना साइबर ठगी का हथियार

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में साइबर अपराध का एक और मामला सामने आया है, जहां एक इलेक्ट्रीशियन को शातिर ठगों ने बेहद चालाकी से निशाना बनाया। ऑनलाइन भेजे गए एक संदेश ने कुछ ही मिनटों में उसकी मेहनत की कमाई को ठगों के खातों में पहुंचा दिया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी आम लोगों की छोटी-सी चूक का फायदा उठाकर बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं।

पीड़ित के अनुसार उसके मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए एक शादी का कार्ड भेजा गया था। संदेश किसी परिचित नाम से आया होने के कारण उसे किसी तरह का शक नहीं हुआ। जैसे ही उसने कार्ड की फाइल खोली, मोबाइल फोन में तकनीकी गड़बड़ी शुरू हो गई। कुछ ही पलों में फोन हैंग होने लगा और अपने आप अलग-अलग ऐप खुलने लगे। पीड़ित कुछ समझ पाता, उससे पहले ही ठगों ने उसके बैंक खाते तक पहुंच बना ली।

बताया जा रहा है कि फाइल के जरिए मोबाइल में एक खतरनाक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो गया, जिससे साइबर अपराधियों को फोन का रिमोट एक्सेस मिल गया। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई से जुड़े ऐप का इस्तेमाल कर चंद मिनटों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर ली। जब तक पीड़ित को खाते से पैसे निकलने का मैसेज मिला, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दी। साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई है और लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला मैलवेयर आधारित ठगी का प्रतीत हो रहा है, जिसमें लिंक या फाइल के जरिए फोन हैक किया जाता है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध फाइल को डाउनलोड न करें, चाहे वह शादी का कार्ड या कोई अन्य आम संदेश ही क्यों न हो। यह घटना डिजिटल जागरूकता की कमी और बढ़ते साइबर खतरे की ओर इशारा करती है, जहां सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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