यमुनानगर फाइनेंसर हत्याकांड के बाद गैंगस्टरों की कथित पोस्ट वायरल, पूर्व विधायक से नजदीकी का जिक्र; करीबियों को भी दी धमकी

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Yamunanagar Financier Murder

यमुनानगर के मॉडल टाउन में जिम के बाहर फाइनेंसर एवं ट्रांसपोर्ट कारोबारी हरभजन सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों के नाम से एक कथित पोस्ट सामने आने का दावा किया जा रहा है। पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी लेने के साथ एक पूर्व विधायक का जिक्र किया गया है और हरभजन सिंह के करीबियों को भी धमकी दी गई है। हालांकि इस पोस्ट की प्रामाणिकता और इसे वास्तव में किसने जारी किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच से होना बाकी है।

हरभजन सिंह की गुरुवार सुबह मॉडल टाउन स्थित जिम के बाहर हत्या कर दी गई थी। वह रोजाना की तरह जिम में एक्सरसाइज करने पहुंचे थे। करीब सुबह 8 बजे जिम से बाहर निकलकर अपनी कार की तरफ जाते समय बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी।

पुलिस के मुताबिक हमलावर पहले से जिम के बाहर मौजूद थे। फायरिंग शुरू होने पर हरभजन सिंह ने अपनी कार की तरफ जाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए दोबारा गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई।

घटनास्थल से पुलिस ने गोलियों के खोल और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में फायरिंग की संख्या को लेकर अंतर था, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में 16 गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस की फोरेंसिक जांच से वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।

हत्या के अगले चरण में सोशल मीडिया पर सामने आई कथित पोस्ट ने मामले को नया मोड़ दिया है। दावा है कि गैंगस्टरों के नाम से जारी पोस्ट में हरभजन सिंह को एक पूर्व विधायक का करीबी बताया गया है।

पोस्ट में कथित तौर पर लिखा गया है कि वह पूर्व विधायक का करीबी बनता था। इसके साथ ही उसके साथ उठने-बैठने या नजदीकी रखने वाले लोगों को भी धमकी दी गई है। धमकी की भाषा बेहद गंभीर बताई जा रही है।

ऐसी पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि सोशल मीडिया अकाउंट वास्तव में संबंधित गैंग से जुड़ा है या किसी अन्य व्यक्ति ने गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल किया है। पोस्ट का IP डेटा, अकाउंट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

कथित पोस्ट में पूर्व विधायक का उल्लेख होना अपने आप में पूर्व विधायक या किसी अन्य व्यक्ति का इस हत्याकांड से संबंध साबित नहीं करता। पुलिस को हत्या की वजह, मृतक के कारोबारी और व्यक्तिगत संबंधों तथा संभावित आपराधिक नेटवर्क की अलग-अलग जांच करनी होगी।

हरभजन सिंह फाइनेंस और ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़े थे। हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने परिवार से पूछताछ की थी। शुरुआती जांच में परिजनों की ओर से किसी स्पष्ट रंजिश या पहले मिली धमकी की जानकारी सामने नहीं आई थी।

पुलिस ने हत्याकांड की जांच के लिए कई टीमें लगाई हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज के जरिए बाइक सवार हमलावरों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा रहा है।

अब कथित गैंगस्टर पोस्ट भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। पुलिस को यह स्थापित करना होगा कि पोस्ट हत्या से जुड़े वास्तविक आरोपियों ने जारी की या वारदात के बाद किसी ने दहशत फैलाने के लिए इसे सोशल मीडिया पर डाला।

फिलहाल हरभजन सिंह हत्याकांड में बाइक सवार दोनों हमलावरों की तलाश जारी है। सोशल मीडिया पर सामने आई कथित पोस्ट, CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर पुलिस हत्या के मकसद और इसके पीछे शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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