डिजिटल जाल में फंसा बुजुर्ग, डर दिखाकर उड़ाई बड़ी रकम

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digital arrest scam

फर्जी केस का खौफ दिखाकर कई दिनों तक रखा मानसिक दबाव

जींद में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड बुजुर्ग को डिजिटल तरीके से बंधक बनाकर करीब 98 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोप है कि ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी और इसी डर का फायदा उठाकर उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने फोन कॉल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए बुजुर्ग से संपर्क किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराध का केस दर्ज हो चुका है। इसके बाद उन्हें लगातार सात दिनों तक मानसिक दबाव में रखा गया। इस दौरान बुजुर्ग को बाहरी लोगों से संपर्क न करने और निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया।

इस पूरी प्रक्रिया को आमतौर पर “डिजिटल अरेस्ट” कहा जाता है, जिसमें पीड़ित को वर्चुअली नियंत्रित कर लिया जाता है। ठगों ने बुजुर्ग से बैंकिंग डिटेल्स हासिल की और अलग-अलग माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

घटना के बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों तथा डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, खासकर जब कोई खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। सतर्कता और जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

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