Faridabad और एनसीआर क्षेत्र में स्थित अरावली की झीलें अब रोमांच से ज्यादा खतरे का प्रतीक बनती जा रही हैं। खासकर सोशल मीडिया पर “ब्लू लेक” के नाम से वायरल हो रही जगह युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है, लेकिन यही आकर्षण कई परिवारों के लिए दर्दनाक हादसों का कारण बन चुका है। बताया जा रहा है कि पिछले 16 वर्षों में इन झीलों में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
अरावली क्षेत्र की कई झीलें गहरी खदानों में जमा पानी से बनी हैं। देखने में सुंदर और शांत दिखाई देने वाली ये झीलें अंदर से बेहद खतरनाक मानी जाती हैं। पानी की अधिक गहराई, फिसलन भरे किनारे और अचानक बढ़ने वाले गड्ढे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा यहां फोटोशूट, पिकनिक और सोशल मीडिया रील्स बनाने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों और प्रशासन का कहना है कि कई बार चेतावनी बोर्ड लगाए गए और लोगों को वहां जाने से रोका गया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और रील्स युवाओं को लगातार इन स्थानों तक खींच लाती हैं। कई हादसों में तैरना न जानने वाले लोग भी पानी में उतर जाते हैं, जिससे स्थिति और खतरनाक हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन झीलों के आसपास सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है ताकि वे रोमांच के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।
प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे प्रतिबंधित और खतरनाक स्थानों से दूर रहें। बावजूद इसके, इंटरनेट पर वायरल होती रील्स और वीडियो युवाओं को आकर्षित कर रही हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
![]()











