Sonipat में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने TDI Group के मालिकों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की करीब 350 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। मामले में लगभग 14 हजार खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार खरीदारों ने आरोप लगाया था कि परियोजनाओं में निवेश और प्लॉट या संपत्ति देने के नाम पर उनसे बड़ी रकम ली गई, लेकिन तय समय पर उन्हें कब्जा या सुविधाएं नहीं मिल सकीं। कई लोगों ने लंबे समय तक इंतजार के बाद मामले की शिकायत विभिन्न एजेंसियों से की थी।
ईडी की जांच में वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में कथित तौर पर खरीदारों से जुटाए गए पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर एजेंसी ने संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की।
सूत्रों के मुताबिक अटैच की गई संपत्तियों में जमीन, भवन और अन्य व्यावसायिक परिसंपत्तियां शामिल हैं। जांच एजेंसी अब इस मामले में जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद प्रभावित खरीदारों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि वर्षों से लंबित मामलों में अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसी पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
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