गुरुग्राम में चर्चित बच्ची यौन-शोषण मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। मामले में अब कानूनी प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को अपनी जांच रिपोर्ट निचली अदालत में पेश करने की अनुमति दे दी है। इस संवेदनशील मामले की सुनवाई महिला जज की अदालत में की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कई स्तरों पर की गई थी। एसआईटी ने पीड़ित पक्ष, गवाहों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत जांच की। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई और तकनीकी साक्ष्यों को भी शामिल किया गया। अब पूरी रिपोर्ट अदालत में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिली अनुमति के बाद जांच एजेंसी को कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुनवाई महिला जज की अदालत में कराने का निर्णय लिया है, ताकि पीड़ित पक्ष को सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण मिल सके।
मामला सामने आने के बाद से ही यह प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ था। विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। जांच पूरी होने के बाद अब सभी की नजर अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत में पेश होने वाली रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती गई है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं को रिकॉर्ड के रूप में अदालत में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में जुटी हैं। आने वाले दिनों में अदालत में सुनवाई शुरू होने के बाद मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
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