हरियाणा के पंचकूला में डीजल की खपत कम करने और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए पुलिस विभाग ने नई पहल शुरू की है। इस योजना के तहत अब पुलिस लाइन से अलग-अलग थानों तक कर्मचारियों के लिए बस सेवा चलाई जाएगी, ताकि निजी वाहनों और अलग-अलग सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल को कम किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कदम का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना और परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है। विभाग का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ बसों के जरिए सफर करेंगे तो डीजल की खपत में काफी कमी आएगी। साथ ही सड़क पर वाहनों की संख्या भी कम होगी, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
नई व्यवस्था के तहत पुलिस कर्मचारियों को निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर विभागीय बसों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इससे न केवल खर्च कम होगा बल्कि ड्यूटी पर आने-जाने की व्यवस्था भी अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।
इस पहल को प्रशासनिक स्तर पर एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी विभागों द्वारा इस तरह के प्रयास किए जाने से ईंधन संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच यह मॉडल अन्य विभागों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
पुलिस कर्मचारियों के बीच भी इस योजना को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ कर्मचारियों ने इसे सुविधाजनक बताया, जबकि कुछ का मानना है कि समय और रूट प्रबंधन को प्रभावी बनाना जरूरी होगा। फिलहाल विभाग इस नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
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